Home P2P Trade OTC Desk P2P Blog Support
Sign in Start Selling →
Home भारत में एथेरियम स्टेकिंग: निष्क्रिय आय कमाने का एक शुरुआती गाइड
08 May 2026

भारत में एथेरियम स्टेकिंग: निष्क्रिय आय कमाने का एक शुरुआती गाइड

भारत में एथेरियम स्टेकिंग: निष्क्रिय आय कमाने का एक शुरुआती गाइड

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में, निष्क्रिय आय (passive income) अर्जित करने के कई तरीके हैं, और उनमें से एक सबसे लोकप्रिय तरीका है 'स्टेकिंग'। विशेष रूप से, स्टेकिंग एथेरियम इन इंडिया (Staking Ethereum in India) उन भारतीय निवेशकों के लिए एक आकर्षक अवसर बन गया है जो अपनी क्रिप्टो होल्डिंग्स को काम पर लगाकर अतिरिक्त आय अर्जित करना चाहते हैं। इस व्यापक गाइड में, हम आपको बताएंगे कि आप भारत में एथेरियम को कैसे स्टेक कर सकते हैं और इस नई वित्तीय संभावना का लाभ कैसे उठा सकते हैं।

एथेरियम स्टेकिंग क्या है?

एथेरियम स्टेकिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जहाँ आप अपने ईटीएच (ETH) टोकन को एक नेटवर्क पर 'लॉक' करते हैं ताकि ब्लॉकचेन के संचालन और सुरक्षा में मदद मिल सके। बदले में, आपको नए ETH टोकन के रूप में पुरस्कार मिलते हैं। यह पारंपरिक बैंक में पैसे जमा करने और ब्याज कमाने जैसा है, लेकिन क्रिप्टो की दुनिया में। यह एथेरियम के 'प्रूफ-ऑफ-स्टेक' (PoS) सर्वसम्मति तंत्र का एक अभिन्न अंग है।

भारत में ईटीएच स्टेक करने पर क्यों विचार करें?

भारत में क्रिप्टो बाजार तेजी से बढ़ रहा है, और ईटीएच स्टेकिंग के कई फायदे हैं:

  • निष्क्रिय आय (Passive Income): यह आपके मौजूदा एथेरियम होल्डिंग्स पर नियमित रिटर्न अर्जित करने का एक शानदार तरीका है, बिना सक्रिय ट्रेडिंग के।
  • नेटवर्क सुरक्षा में योगदान: स्टेक करके, आप एथेरियम ब्लॉकचेन की सुरक्षा और विकेंद्रीकरण को मजबूत करने में मदद करते हैं।
  • विकास क्षमता: एथेरियम एक प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी है जिसकी भविष्य में विकास की अच्छी संभावनाएं हैं, जिसका अर्थ है कि आपके स्टेक किए गए ETH का मूल्य भी बढ़ सकता है।
  • कम एंट्री बैरियर: विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से, आप 32 ETH की आवश्यकता के बिना भी स्टेकिंग में भाग ले सकते हैं।

एथेरियम के प्रूफ-ऑफ-स्टेक (PoS) को समझना

एथेरियम ने हाल ही में अपने सर्वसम्मति तंत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है, और इसे समझना स्टेकिंग के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रूफ-ऑफ-वर्क से प्रूफ-ऑफ-स्टेक तक

पहले, एथेरियम प्रूफ-ऑफ-वर्क (PoW) नामक एक सर्वसम्मति तंत्र का उपयोग करता था, जो बिटकॉइन के समान था। इसमें जटिल गणितीय पहेलियों को हल करने के लिए शक्तिशाली कंप्यूटरों (माइनर्स) की आवश्यकता होती थी, जो ऊर्जा-गहन था। सितंबर 2022 में, एथेरियम ने 'द मर्ज' (The Merge) नामक एक ऐतिहासिक अपग्रेड के साथ प्रूफ-ऑफ-स्टेक (PoS) में संक्रमण किया। PoS में, माइनर्स के बजाय, 'वैलिडेटर्स' नेटवर्क को सुरक्षित करते हैं। वैलिडेटर्स को ETH स्टेक करना होता है, और उन्हें नए ब्लॉक को मान्य करने और नेटवर्क को सुरक्षित रखने के लिए चुना जाता है। यह अधिक ऊर्जा-कुशल और स्केलेबल है।

एथेरियम स्टेकिंग कैसे काम करता है?

PoS में, जो उपयोगकर्ता अपने ETH को स्टेक करते हैं, वे वैलिडेटर बनने के योग्य होते हैं। एक वैलिडेटर बनने के लिए, आपको कम से कम 32 ETH जमा करने होंगे। ये ETH एक स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में 'लॉक' हो जाते हैं। वैलिडेटर नए लेनदेन को सत्यापित करने और उन्हें ब्लॉकचेन में जोड़ने के लिए जिम्मेदार होते हैं। यदि वैलिडेटर ईमानदारी से काम करते हैं, तो उन्हें नए ETH के रूप में पुरस्कार मिलते हैं। यदि वे दुर्भावनापूर्ण कार्य करते हैं या ऑफ़लाइन हो जाते हैं, तो उन्हें 'स्लैशिंग' (उनके स्टेक किए गए ETH का एक हिस्सा खोना) का सामना करना पड़ सकता है।

भारत में एथेरियम स्टेक करने के तरीके

भारत में ईटीएच स्टेक करने के कई तरीके हैं, जो आपकी तकनीकी समझ, पूंजी और जोखिम सहनशीलता पर निर्भर करते हैं।

सोलो स्टेकिंग (अपना खुद का वैलिडेटर चलाना)

यह सबसे विकेन्द्रीकृत तरीका है, लेकिन इसके लिए सबसे अधिक तकनीकी ज्ञान और पूंजी की आवश्यकता होती है।

  • आवश्यकताएँ: आपको 32 ETH (लगभग ₹70 लाख से ₹80 लाख, बाजार मूल्य के आधार पर) और एक समर्पित कंप्यूटर नोड चलाना होगा जो 24/7 ऑनलाइन रहे।
  • फायदे: आपको पूरे स्टेकिंग रिवॉर्ड मिलते हैं और आप नेटवर्क के विकेंद्रीकरण में अधिकतम योगदान करते हैं।
  • नुकसान: उच्च पूंजीगत आवश्यकता, तकनीकी जटिलता, और यदि आपका वैलिडेटर ऑफ़लाइन हो जाता है या गलत व्यवहार करता है तो स्लैशिंग का जोखिम।

स्टेकिंग-एज़-ए-सर्विस प्रोवाइडर्स (जैसे लिडो, रॉकेट पूल)

ये प्लेटफॉर्म आपको अपने ETH को स्टेक करने की अनुमति देते हैं, भले ही आपके पास 32 ETH न हों। वे आपके लिए तकनीकी संचालन संभालते हैं।

  • लिडो (Lido): यह एक लिक्विड स्टेकिंग प्रोटोकॉल है। जब आप लिडो के माध्यम से ETH स्टेक करते हैं, तो आपको 'stETH' नामक एक टोकन मिलता है। यह stETH आपके स्टेक किए गए ETH का प्रतिनिधित्व करता है और इसे अन्य DeFi प्रोटोकॉल में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे आपको तरलता मिलती है।
  • रॉकेट पूल (Rocket Pool): यह एक विकेन्द्रीकृत स्टेकिंग प्रोटोकॉल है जो सोलो स्टेकर्स को कम ETH के साथ वैलिडेटर नोड चलाने की अनुमति देता है, और सामान्य उपयोगकर्ताओं को कम मात्रा में ETH स्टेक करने की सुविधा भी प्रदान करता है।
  • फायदे: कम पूंजीगत आवश्यकता, कोई तकनीकी सेटअप नहीं, कुछ मामलों में तरलता (जैसे stETH)।
  • नुकसान: प्रोटोकॉल जोखिम, केंद्रीकरण का कुछ स्तर (विशेषकर लिडो के साथ), प्लेटफॉर्म शुल्क।

केंद्रीकृत एक्सचेंज स्टेकिंग (जैसे बिनेंस, वज़ीरएक्स, कॉइनडीसीएक्स)

यह भारत में ईटीएच स्टेक करने का सबसे आसान और सबसे सुलभ तरीका है, खासकर शुरुआती लोगों के लिए।

  • कैसे काम करता है: आप अपने ETH को एक्सचेंज पर जमा करते हैं, और एक्सचेंज आपके लिए स्टेकिंग प्रक्रिया को संभालता है। वे आपके ETH को पूल करते हैं और वैलिडेटर नोड चलाते हैं।
  • लोकप्रिय भारतीय प्लेटफॉर्म:
    • बिनेंस (Binance): दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज, जो भारत में भी सक्रिय है। यह लचीले और लॉक किए गए स्टेकिंग विकल्प प्रदान करता है।
    • वज़ीरएक्स (WazirX): भारत का एक प्रमुख एक्सचेंज जो स्टेकिंग सेवाएं प्रदान करता है।
    • कॉइनडीसीएक्स (CoinDCX): एक और लोकप्रिय भारतीय एक्सचेंज जो अपने उपयोगकर्ताओं के लिए स्टेकिंग विकल्प प्रदान करता है।
  • फायदे: उपयोग में आसानी, कम न्यूनतम आवश्यकताएं (अक्सर 0.001 ETH जितना कम), तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं।
  • नुकसान: केंद्रीकरण जोखिम (आपके फंड एक्सचेंज के नियंत्रण में होते हैं), आमतौर पर कम रिटर्न क्योंकि एक्सचेंज अपना एक हिस्सा शुल्क के रूप में लेता है, और निकासी पर प्रतिबंध हो सकता है।

आपके लिए सही स्टेकिंग प्लेटफॉर्म चुनना

भारत में ईटीएच स्टेकिंग इंडिया गाइड के रूप में, सही प्लेटफॉर्म का चयन आपकी जरूरतों पर निर्भर करता है।

प्रमुख कारक: सुरक्षा, शुल्क, न्यूनतम, पुरस्कार

  • सुरक्षा: सुनिश्चित करें कि प्लेटफॉर्म की सुरक्षा मजबूत हो (2FA, कोल्ड स्टोरेज, बीमा)। केंद्रीकृत एक्सचेंजों पर, आपके फंड एक्सचेंज की हिरासत में होते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा महत्वपूर्ण है।
  • शुल्क: विभिन्न प्लेटफॉर्म स्टेकिंग पुरस्कारों पर अलग-अलग शुल्क लेते हैं। कुछ एक प्रतिशत लेते हैं, जबकि अन्य एक निश्चित शुल्क लेते हैं।
  • न्यूनतम आवश्यकताएँ: सोलो स्टेकिंग के लिए 32 ETH की आवश्यकता होती है, जबकि स्टेकिंग-एज़-ए-सर्विस और केंद्रीकृत एक्सचेंज बहुत कम न्यूनतम के साथ शुरू करने की अनुमति देते हैं।
  • पुरस्कार (Rewards): विभिन्न प्लेटफॉर्म अलग-अलग वार्षिक प्रतिशत उपज (APY) प्रदान करते हैं। यह नेटवर्क की गतिविधि और प्लेटफॉर्म के शुल्क पर निर्भर करता है। वर्तमान में, एथेरियम स्टेकिंग पर APY आमतौर पर 3-6% के बीच होता है।

भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए लोकप्रिय प्लेटफॉर्म

जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, बिनेंस, वज़ीरएक्स और कॉइनडीसीएक्स भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए लोकप्रिय विकल्प हैं। लिडो जैसे विकेन्द्रीकृत प्रोटोकॉल भी मेटामास्क जैसे वॉलेट के माध्यम से सुलभ हैं।

ईटीएच स्टेक करने के लिए एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

यहां भारत में ईटीएच कैसे स्टेक करें, इसका एक सामान्य गाइड है। विशिष्ट चरण आपके चुने हुए प्लेटफॉर्म के आधार पर थोड़े भिन्न हो सकते हैं।

अपना वॉलेट सेट अप करना और फंड करना

  1. एक क्रिप्टो वॉलेट चुनें: यदि आप केंद्रीकृत एक्सचेंज का उपयोग कर रहे हैं, तो आपको बस उस एक्सचेंज पर एक खाता बनाना होगा। यदि आप विकेन्द्रीकृत स्टेकिंग पर विचार कर रहे हैं, तो मेटामास्क (MetaMask) जैसे वेब3 वॉलेट की आवश्यकता होगी।
  2. KYC पूरा करें: अधिकांश केंद्रीकृत एक्सचेंजों पर खाता बनाने के लिए आपको नो योर कस्टमर (KYC) प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसमें पहचान सत्यापन शामिल है।
  3. अपने वॉलेट को फंड करें: अपने बैंक खाते से INR जमा करें और ETH खरीदें, या यदि आपके पास पहले से ETH है, तो उसे अपने एक्सचेंज या वॉलेट में ट्रांसफर करें। (यदि आप USDT से INR में बदलना चाहते हैं, तो Byflance.com भारत का एक विश्वसनीय प्लेटफॉर्म है!)

स्टेकिंग प्रक्रिया शुरू करना (प्लेटफॉर्म विशिष्ट)

  1. प्लेटफॉर्म पर 'स्टेक' सेक्शन पर जाएं: अधिकांश एक्सचेंजों में एक समर्पित 'स्टेकिंग' या 'अर्न' सेक्शन होता है।
  2. एथेरियम (ETH) का चयन करें: स्टेकिंग के लिए उपलब्ध संपत्तियों की सूची में से ETH चुनें।
  3. राशि दर्ज करें: वह ETH राशि दर्ज करें जिसे आप स्टेक करना चाहते हैं।
  4. शर्तों की समीक्षा करें: स्टेकिंग की अवधि, अनुमानित APY, और किसी भी संबंधित जोखिम या लॉक-अप अवधि की समीक्षा करें।
  5. स्टेकिंग की पुष्टि करें: एक बार जब आप शर्तों से सहमत हो जाते हैं, तो अपनी स्टेकिंग को कन्फर्म करें।

अपने स्टेक किए गए ईटीएच और पुरस्कारों की निगरानी

एक बार जब आप ETH स्टेक कर लेते हैं, तो आप आमतौर पर प्लेटफॉर्म के डैशबोर्ड पर अपने स्टेक किए गए ETH की स्थिति, अर्जित पुरस्कार और अनुमानित APY को ट्रैक कर सकते हैं। पुरस्कारों का भुगतान अक्सर दैनिक, साप्ताहिक या मासिक आधार पर किया जाता है, जो प्लेटफॉर्म पर निर्भर करता है।

एथेरियम स्टेकिंग के जोखिम और पुरस्कार

किसी भी निवेश की तरह, एथेरियम स्टेकिंग में भी जोखिम और पुरस्कार दोनों शामिल हैं।

संभावित रिटर्न और यील्ड्स

बेस्ट ईटीएच स्टेकिंग रिटर्न्स इंडिया प्राप्त करने के लिए, आपको विभिन्न प्लेटफॉर्म के APY की तुलना करनी होगी। वर्तमान में, एथेरियम स्टेकिंग के लिए वार्षिक प्रतिशत उपज (APY) आमतौर पर 3% से 6% के बीच होती है। यह नेटवर्क पर स्टेक किए गए कुल ETH की मात्रा और नेटवर्क की गतिविधि के आधार पर भिन्न होता है। जितने अधिक ETH स्टेक होते हैं, APY उतना ही कम हो सकता है। उदाहरण के लिए, 2023 में, अधिकांश प्लेटफॉर्म पर ETH स्टेकिंग APY लगभग 4-5% था।

स्लैशिंग, अस्थिरता और लॉक-अप अवधियों को समझना

  • स्लैशिंग (Slashing): यदि एक वैलिडेटर दुर्भावनापूर्ण व्यवहार करता है (जैसे कि गलत तरीके से ब्लॉक को प्रमाणित करना) या लंबे समय तक ऑफ़लाइन रहता है, तो उसके स्टेक किए गए ETH का एक हिस्सा जब्त किया जा सकता है। यह जोखिम सोलो स्टेकर्स के लिए अधिक प्रासंगिक है, जबकि केंद्रीकृत एक्सचेंज और स्टेकिंग-एज़-ए-सर्विस प्रोवाइडर इसे अपने उपयोगकर्ताओं के लिए प्रबंधित करते हैं।
  • अस्थिरता (Volatility): ETH का मूल्य अत्यधिक अस्थिर हो सकता है। भले ही आप स्टेकिंग पुरस्कार अर्जित कर रहे हों, यदि ETH का बाजार मूल्य गिरता है, तो आपके कुल निवेश का मूल्य कम हो सकता है।
  • लॉक-अप अवधि: आपने जो ETH स्टेक किया है, वह एक निश्चित अवधि के लिए लॉक हो सकता है। 'द शंघाई/कैपेला अपग्रेड' (अप्रैल 2023) के बाद से, वैलिडेटर अपने स्टेक किए गए ETH और अर्जित पुरस्कारों को वापस ले सकते हैं। हालांकि, केंद्रीकृत एक्सचेंजों या स्टेकिंग-एज़-ए-सर्विस प्लेटफॉर्म पर अभी भी निकासी प्रतिबंध या प्रसंस्करण समय हो सकता है।

भारत में नियामक और कर संबंधी विचार

भारत में क्रिप्टो स्पेस लगातार विकसित हो रहा है, और नियामक और कर संबंधी पहलुओं को समझना महत्वपूर्ण है।

भारत में वर्तमान क्रिप्टो विनियम

भारत में क्रिप्टोकरेंसी को अभी तक एक विशिष्ट नियामक ढांचा नहीं मिला है, लेकिन सरकार ने लेनदेन पर कर लगाकर उन्हें वैध संपत्ति के रूप में मान्यता दी है। 2022-23 के केंद्रीय बजट में, भारत सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले लाभ पर 30% फ्लैट कर और प्रत्येक लेनदेन पर 1% टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) पेश किया।

स्टेकिंग पुरस्कारों के लिए कर निहितार्थ

स्टेकिंग पुरस्कारों को 'अन्य स्रोतों से आय' या 'व्यवसाय आय' के रूप में माना जा सकता है, जो आपकी स्थिति पर निर्भर करता है। इन पुरस्कारों पर 30% का फ्लैट कर लागू होगा। इसके अलावा, यदि आप अपने स्टेक किए गए ETH को बेचते हैं या स्टेकिंग पुरस्कारों को नकदी में परिवर्तित करते हैं, तो 1% टीडीएस लागू होगा। यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने क्रिप्टो लेनदेन का उचित रिकॉर्ड रखें और किसी योग्य कर सलाहकार से परामर्श लें ताकि आप भारतीय कर कानूनों का पालन कर सकें।

निष्कर्ष: क्या एथेरियम स्टेकिंग आपके लिए सही है?

भारत में पैसिव इनकम क्रिप्टो इंडिया के लिए एथेरियम स्टेकिंग एक रोमांचक अवसर प्रस्तुत करता है, लेकिन यह सभी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है।

फायदे और नुकसान का आकलन

  • फायदे: निष्क्रिय आय अर्जित करना, नेटवर्क सुरक्षा में योगदान, एथेरियम के भविष्य के विकास में भाग लेना।
  • नुकसान: ETH की कीमत में अस्थिरता का जोखिम, स्लैशिंग का जोखिम (सोलो स्टेकिंग के लिए), लॉक-अप अवधि, प्लेटफॉर्म जोखिम और जटिल कर निहितार्थ।

यदि आप एथेरियम के भविष्य में विश्वास रखते हैं, दीर्घकालिक दृष्टिकोण रखते हैं, और बाजार की अस्थिरता को सहन करने के लिए तैयार हैं, तो स्टेकिंग आपके पोर्टफोलियो को बढ़ाने का एक शानदार तरीका हो सकता है।

एथेरियम स्टेकिंग का भविष्य

एथेरियम का PoS में सफल संक्रमण एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। भविष्य में, एथेरियम शार्डिंग जैसे और अपग्रेड की योजना बना रहा है, जिससे नेटवर्क की स्केलेबिलिटी और दक्षता में और सुधार होगा। ये सुधार स्टेकिंग को और भी आकर्षक बना सकते हैं, क्योंकि एक मजबूत और कुशल नेटवर्क आमतौर पर अधिक स्थिर पुरस्कारों की ओर ले जाता है। एथेरियम 2.0 स्टेकिंग प्लेटफॉर्म्स इंडिया में विकसित होते रहेंगे और भारतीय निवेशकों के लिए अधिक सुलभ विकल्प प्रदान करेंगे।

FAQ

क्या एथेरियम स्टेकिंग भारत में कानूनी है?

हाँ, भारत में एथेरियम स्टेकिंग कानूनी है। भारत सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को एक संपत्ति के रूप में मान्यता दी है, हालांकि अभी तक कोई विशिष्ट नियामक ढांचा नहीं है। इसका मतलब है कि आप कानूनी रूप से ETH स्टेक कर सकते हैं, लेकिन आपको इससे होने वाली आय पर भारतीय कर कानूनों के अनुसार कर का भुगतान करना होगा। क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले किसी भी लाभ पर 30% का फ्लैट कर और लेनदेन पर 1% टीडीएस लागू होता है।

स्टेक करने के लिए न्यूनतम ETH की कितनी आवश्यकता है?

सोलो स्टेकिंग (अपना खुद का वैलिडेटर नोड चलाना) के लिए आपको 32 ETH की आवश्यकता होती है। हालांकि, यदि आप स्टेकिंग-एज़-ए-सर्विस प्रोवाइडर्स (जैसे लिडो, रॉकेट पूल) या केंद्रीकृत एक्सचेंजों (जैसे बिनेंस, वज़ीरएक्स, कॉइनडीसीएक्स) का उपयोग करते हैं, तो न्यूनतम आवश्यकता बहुत कम होती है, अक्सर 0.001 ETH जितना कम। यह आपको बड़ी पूंजी के बिना स्टेकिंग में भाग लेने की अनुमति देता है।

स्टेकिंग पुरस्कारों का भुगतान कितनी बार किया जाता है?

स्टेकिंग पुरस्कारों का भुगतान आवृत्ति आपके चुने हुए प्लेटफॉर्म पर निर्भर करती है। कुछ प्लेटफॉर्म दैनिक भुगतान करते हैं, जबकि अन्य साप्ताहिक या मासिक आधार पर पुरस्कार वितरित कर सकते हैं। केंद्रीकृत एक्सचेंज अक्सर आपके डैशबोर्ड पर वास्तविक समय में पुरस्कार प्रदर्शित करते हैं और उन्हें नियमित अंतराल पर आपके खाते में जमा करते हैं।

क्या मैं अपना ETH कभी भी अनस्टेक कर सकता हूँ?

एथेरियम के शंघाई/कैपेला अपग्रेड (अप्रैल 2023) के बाद, वैलिडेटर्स अब अपने स्टेक किए गए ETH और अर्जित पुरस्कारों को वापस ले सकते हैं। हालांकि, अनस्टेकिंग प्रक्रिया में समय लग सकता है, जो नेटवर्क की भीड़ और प्लेटफॉर्म की अपनी नीतियों पर निर्भर करता है। केंद्रीकृत एक्सचेंजों और स्टेकिंग-एज़-ए-सर्विस प्रोवाइडर्स के पास अपनी स्वयं की निकासी नीतियां और प्रसंस्करण समय हो सकते हैं, इसलिए अनस्टेक करने से पहले उनकी शर्तों की जांच करना महत्वपूर्ण है।

ईटीएच स्टेक करने के क्या जोखिम हैं?

ईटीएच स्टेक करने के कई जोखिम हैं, जिनमें शामिल हैं: 1) बाजार की अस्थिरता: ETH की कीमत में उतार-चढ़ाव हो सकता है, जिससे आपके स्टेक किए गए ETH का मूल्य प्रभावित हो सकता है। 2) स्लैशिंग: यदि आपका वैलिडेटर (सोलो स्टेकिंग में) ऑफ़लाइन हो जाता है या गलत व्यवहार करता है, तो आप अपने स्टेक किए गए ETH का एक हिस्सा खो सकते हैं। 3) लॉक-अप अवधि: जबकि अब ETH को अनस्टेक किया जा सकता है, प्रक्रिया में समय लग सकता है, जिसका अर्थ है कि आपके फंड तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकते हैं। 4) प्लेटफॉर्म जोखिम: केंद्रीकृत एक्सचेंजों या प्रोटोकॉल में सुरक्षा भंग या तकनीकी खराबी का जोखिम होता है। 5) स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट जोखिम: विकेन्द्रीकृत प्रोटोकॉल में स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट कमजोरियां हो सकती हैं।

← Back to Home